


कटनी सहारा मंच (NGO )को एड्स के उपचार एवं नियंत्रण प्रोजेक्ट के लिए हर साल 18लाख रुपय की राशि, मध्यप्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण समिति के द्वारा कटनी जिले मे इस प्रोजेक्ट को चलाने वाले सहारा मंच को दिया जाता है यह परियोजना पिछले 14 सालो से इसी संस्था को सौपा गया है इसमें प्रोजेक्ट मैनेजर फेरडी चार्ली के द्वारा दी गई जानकारी अनुसार यह प्रोजेक्ट कटनी मे महज सात लोगो के द्वारा काम किया जाता है परन्तु काउंसलर मनोज सिंह राजपूत की माने तो यहां 9 लोग काम करते है यह सहारा मंच का ऑफिस झिंझरी पशु चिकित्सा लय के पास, h p गैस गोदाम के पास स्थाई रूप से है यह बिल्डिंग नुमा ऑफिस स्वंय के परिसर मे संचालित है परन्तु ऑनलाइन सर्च करने पर इसका पता राज सोनोग्राफी सिविल लाइन बताया जा रहा है, अब सात से नौ लोगो की टीम मे 18 लाख रूपये का अधिकतम बजट व उसका उपयोग अपने आप मे एक प्रश्न है जानकारी अनुसार यहां 12वी पास को 10,500(दस हजार पांच सौ) की सैलरी दी जाती ओ.एस.टी. (Fsw, msw अन्य )नामक पद के लिए है जिनका काम तो पूरे जिले मे एड्स संबधित कार्य के लिए समाज मे महीने के 20दिन घूम -घूम कर उक्त सुविधा को लोगो तक उपलब्ध करना है लेकिन इनके महिला व पुरुष कर्मचारी द्वारा नगर के कुछ चुनिंदा जगह पर ही लीपा पोती कर कार्य को सिमित रखा गया है हर रोज एड्स सम्बंधित कार्य के लिए जिला चिकित्सालय सहारा मंच के कर्मचारी के द्वारा आई. सी. टी.सी.केंद्र व मन कक्ष रूम मे कागजी खाना पूर्ति कर सेवा प्रदान कर रस्म अदाएगी का फर्ज अदा कर देते है वैसे तो एड्स से ग्रसित लोगो को अस्पताल मे लाकर उनका उपचार करवाना इनके कार्य मे शामिल है, व गर्भ वती महिला की hiv एड्स की जांच इनके कार्य मे शामिल है स्वास्थ्य विभाग की मिली जुली सरकारी मशीनरी इस NGO सहारा मंच को लाभ पहुंचाने मे आतुर है मजे की बात है की आशा कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग भी इसी NGO द्वारा इसी परिसर मे कराई जाती है जिसके बदले जिला चिकित्सालय व म प्र शासन से 5 दिन ट्रेनिंग मे 1,20,000 का भुगतान इसी सहारा मंच को दिया जाता है जिसमे 33महिलाओ के समूह को रहने की जगह और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है यह आशा कार्य करता ट्रेनिंग पूर्व के कई वर्षो से यहां पर कराई जा रही है और वर्तमान समय मे भी कराई जा रही है जानकारी अनुसार कटनी सहारा मंच के कई कर्मचारी यातायात के नियमों की खुलेआम धज्जिया हर रोज उडाते है, कई के पास तो ना हीं ड्राविंग लाइसेंस है एवं कुछ के पास तो हेलमेट का उपयोग भी नहीं! यहNGO एड्स नियंत्रण प्रोजेक्ट मे पार्टनर के रूप कार्य कर रहा है साथ ही बहुत सी आनियमितताए सामने आ रही है जो एक सूक्ष्म जांच का विषय है जांच होने पर बहुत सी अनियमितताएं उजागर हो सकती है। आखिरकार प्रशासन इन विभागों की जांच कब करायेगी


