Monday, Jun 17, 2024
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धर्म

पुराणों व धर्मग्रन्थों में उल्लेखित जानकारी है।

आज बुधवार, पौष कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि है।
आज मघा नक्षत्र, “राक्षस” नाम संवत् 2079 है।
👆 ( उक्त जानकारी उज्जैन के पञ्चाङ्गों के अनुसार है)

👉 वेदों की भाषा संस्कृत है। वेद व देव ब्रह्माजी से प्रकट हुए हैं, इस कारण संस्कृत भाषा का नाम देवभाषा और संस्कृत लिपि का नाम देवनागरी हुआ।
👉 श्रुति वेद और स्मृति धर्मशास्त्र है।
👉 वेद पारलौकिक सुख – प्राप्ति का मार्ग बताते हैं। साथ ही लोक में सर्वांगीण उन्नति और समृद्धि के पथ का प्रदर्शन करते हैं।
👉 चार वेदों के आधार पर चार वर्णों और चार आश्रमों की व्यवस्था से ही समाज का निर्माण हुआ है।
👉 भाषा, वेष, खानपान और चरित्र – इन चारों के समूह को ही संस्कृति कहते हैं।
👉 सनातन धर्म नित्य तत्त्व परमात्मा द्वारा ही चलाया गया है, किसी व्यक्ति द्वारा नहीं।
👉 सनातन धर्म अनादि और अनन्त है, क्योंकि सृष्टि की उत्पत्ति से सृष्टि – प्रलय तक यह विद्यमान रहता है।
👉 शास्त्रों में धर्म की परिभाषा “धारणाद् धर्म:” की गई है। अर्थात् धर्म वह है, जो हमें सब तरह के विनाश और अधोगति से बचाकर उन्नति की ओर ले जाता है।
👉 सनातन धर्म में विद्या के कुल 14 प्रमुख स्थान स्वीकृत हैं – वेदाङ्ग के छह अङ्ग, चार वेद, पुराण, न्याय, मीमांसा तथा धर्मशास्त्र – यह सब मिलकर 14 प्रमुख स्थान हैं। (याज्ञवल्क्य स्मृति 1/3)
👉 वेदाङ्ग के छह अङ्ग – शिक्षा, कल्प, निरुक्त, व्याकरण, छन्द तथा ज्योतिष है।

(उज्जैन के पञ्चाङ्गों से साभार)

🌞 दिनांक 14 दिसम्बर 2022, बुधवार

👉 पौष कृष्ण पक्ष षष्ठी रात्रि 8:20 बजे तक, पश्चात् सप्तमी तिथि

👉 आज राष्ट्रीय सौर तिथि 23 अग्रहायण (सहमास) 1944, युगाब्द 5124 है।

🌞 इन्दौर का सूर्योदय : प्रातः 7:02
🌞 इन्दौर का सूर्यास्त : सायं 05:40 बजे

👉 अयन : दक्षिणायन
🌧 ऋतु : हेमन्त

👉 नक्षत्र : मघा रात्रि 3:04 बजे तक, पश्चात् पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र

👉 योग : विष्कुम्भ रात्रि (तड़के) 6:02 बजे तक, पश्चात् प्रीति योग

👉 दिशाशूल – उत्तर दिशा में

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कल गुरुवार 15 दिसम्बर 2022 के व्रत – पर्व – उत्सव
👉 पौष कृष्ण सप्तमी तिथि

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