कलियुगाब्द……………………..5122
विक्रम संवत्…………………….2077
शक संवत्……………………….1942
मास…………………………….कार्तिक
पक्ष……………………………….शुक्ल
तिथी………………………….एकादशी
दुसरे दिन प्रातः 05.10 पर्यंत पश्चात द्वादशी
रवि………………………….दक्षिणायन
सूर्योदय………….प्रातः 06.46.49 पर
सूर्यास्त………….संध्या 05.41.00 पर
सूर्य राशि……………………….वृश्चिक
चन्द्र राशि………………………….मीन
गुरु राशि………………………….मकर
नक्षत्र……………………..उत्तराभाद्रपद
संध्या 06.10 पर्यंत पश्चात रेवती
योग………………………………सिद्धि
दुसरे दिन प्रातः 07.27 पर्यंत पश्चात व्यतिपात
करण……………………………वणिज
दोप 03.55 पर्यंत पश्चात विष्टि
ऋतु……………………………….शरद
दिन……………………………..बुधवार
?? आंग्ल मतानुसार :-
25 नवम्बर सन 2020 ईस्वी ।
⚜ तिथी/पर्व/व्रत विशेष :-
? देव प्रबोधनी एकादशी व्रत :-
कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है। इसे देवोत्थान एकादशी, देवउठनी ग्यारस, प्रबोधिनी एकादशी आदि नामों से भी जाना जाता है ।
शास्त्रों में कार्तिक मास को श्रेष्ठ मास माना गया है। मासों में कार्तिक मास, देवताओं में भगवान विष्णु और तीर्थों में नारायण तीर्थ बद्रिकाश्रम श्रेष्ठ है। ये तीनों कलियुग में अत्यंत दुर्लभ हैं। अर्थात् कार्तिक मास के समान कोई भी मास नहीं है।
पुराण में वर्णित है कि यह मास धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष को देने वाला है। विशेष रूप से स्नान दान एवं तुलसी की पूजा इस मास में विशेष फलदायी है। कार्तिक मास में दीपदान करने से पाप नष्ट होते हैं। स्कंद पुराण में वर्णित है कि इस मास में जो व्यक्ति देवालय, नदी के किनारे, तुलसी के समक्ष एवं शयन कक्ष में दीपक जलाता है उसे सर्व सुख प्राप्त होते हैं।
इस मास में भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी के निकट दीपक जलाने से अमिट फल प्राप्त होते हैं। इस मास में की गई भगवान विष्णु एवं मां लक्ष्मी की उपासना असीमित फलदायी होती है। आषाढ़ शुक्ल एकादशी की तिथि को देव शयन करते हैं और इस कार्तिक शुक्ल एकादशी के दिन उठते हैं। इसीलिए इसे देवोत्थान (देवउठनी) एकादशी कहा जाता है।
⚜ चातुर्मास पूर्ण :-
देवशयनी एकादशी से प्रारंभ हुआ चातुर्यामास व्रत आज पूर्ण होता है | इस व्रत को करने वाले सूर्य जैसे दीप्तिमान होकर विमान पर बैठकर स्वर्ग को जाते हैं। जो स्त्री या पुरुष पवित्र होकर शुद्धता से इस व्रत को करते हैं, वे सब पापों से छूट जाते हैं।
?? राहुकाल :-
दोपहर 12.13 से 01.34 तक ।
? उदय लग्न मुहूर्त :-
वृश्चिक
06:12:25 08:31:24
धनु
08:31:24 10:35:44
मकर
10:35:44 12:18:20
कुम्भ
12:18:20 13:46:03
मीन
13:46:03 15:11:14
मेष
15:11:14 16:46:42
वृषभ
16:46:42 18:42:32
मिथुन
18:42:32 20:57:30
कर्क
20:57:30 23:18:13
सिंह
23:18:13 25:35:53
कन्या
25:35:53 27:52:33
तुला
27:52:33 30:12:25
? दिशाशूल :-
उत्तरदिशा – यदि आवश्यक हो तो तिल का सेवन कर यात्रा प्रारंभ करें ।
☸ शुभ अंक……………………..7
? शुभ रंग……………………..हरा
⚜ चौघडिया :-
प्रात: 08.10 से 09.31 तक अमृत
प्रात: 10.52 से 12.12 तक शुभ
दोप 02.54 से 04.15 तक चंचल
सायं 04.15 से 05.36 तक लाभ
रात्रि 07.15 से 08.54 तक शुभ ।
? आज का मंत्र :-
|| ॐ गणनायकाय नम: ||
? संस्कृत सुभाषितानि :-
दाता प्रतिगृहीता च शुद्धि र्देयं च धर्मयुक् ।
देशकालौ च दानानाम ङ्गन्येतानि षड् विदुः ॥
अर्थात :-
दाता, लेनेवाला, पावित्र्य, देय वस्तु, देश, और काल – ये छे दान के अंग हैं ।
? आरोग्यं :–
-विषाक्त भोजन (फूड प्वाइजनिंग) के लिए घरेलू उपचार -*
3. नींबू –
नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीवायरल, और जीवाणुरोधी गुण आपको बहुत राहत दे सकते हैं। नींबू में एसिड बैक्टीरिया को मारने में मदद करता है जो खाद्य विषाक्तता या फूड प्वाइजनिंग का कारण बनता है। केवल एक चम्मच नींबू के रस में एक चुटकी चीनी जोड़ें और दिन में दो से तीन बार पीएं। आप अपने सिस्टम को साफ करने के लिए नींबू के रस के साथ गर्म पानी का सेवन कीजिए।
⚜ आज का राशिफल :-
? राशि फलादेश मेष :-
(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)
किसी दुविधा से निर्णय लेने की क्षमता कम होगी। बुद्धि का प्रयोग करें। प्रमाद न करें। कोर्ट-कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों में अटके काम पूरे हो सकते हैं तथा स्थिति सुधरेगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। घर में व्यय होगा। आय में वृद्धि होगी। कारोबार लाभदायक रहेगा।
? राशि फलादेश वृष :-
(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
किसी लंबे कारोबारी प्रवास की योजना बन सकती है। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। कोई कारोबारी बड़ा सौदा हो सकता है। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। नौकरी में चैन रहेगा। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। समय की अनुकूलता का लाभ लें। प्रसन्नता रहेगी।
?? राशि फलादेश मिथुन :-
(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
किसी मनोरंजक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। नौकरी में कोई नया कार्य कर पाएंगे। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य में सफलता हासिल करेगा। अध्ययन आदि में एकाग्रता रहेगी।
? राशि फलादेश कर्क :-
(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कारोबार में लाभ होगा। आय होगी। धैर्य रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। दौड़धूप अधिक होगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बनते काम बिगड़ सकते हैं।
? राशि फलादेश सिंह :-
(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
निवेश शुभ फल देंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। जल्दबाजी न करें। प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। नौकरी में कार्यभार रहेगा। अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा।
??♀️ राशि फलादेश कन्या :-
(ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। दूर से उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। निवेश में जल्दबाजी न करें। आय बनी रहेगी। उत्साह से काम कर पाएंगे। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी।
⚖ राशि फलादेश तुला :-
(रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
कारोबार अच्छा चलेगा। उत्साह बना रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। प्रमाद न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। आय में वृद्धि होगी। कोई बड़ा रुका हुआ कार्य पूर्ण होने के योग हैं। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं।
? राशि फलादेश वृश्चिक :-
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
कारोबार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। फालतू खर्च होगा। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ईर्ष्यालु व्यक्तियों से सावधान रहें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें।
? राशि फलादेश धनु :-
(ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)
कारोबार अच्छा चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जीवन सु्खमय रहेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। काम में मन लगेगा। घर-बाहर प्रसन्नता का वातावरण बनेगा। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे।
? राशि फलादेश मकर :-
(भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)
निवेशादि लाभदायक रहेंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। प्रभावशाली लोगों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। कार्यकारी नए काम मिल सकते हैं। योजना फलीभूत होगी।
? राशि फलादेश कुंभ :-
(गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
बेकार बातों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। प्रमाद न करें। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में चैन रहेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद से बचें। अध्यात्म में रुचि रहेगी। किसी संत-महात्मा का आशीर्वाद मिल सकता है।
? राशि फलादेश मीन :-
(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में कार्यभार रहेगा। प्रमाद न करें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। नकारात्मकता रहेगी। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। विवाद से क्लेश हो सकता है।
☯ आज का दिन सभी के लिए मंगलमय हो ।
।। ? शुभम भवतु ? ।।
???? भारत माता की जय ??

