Wednesday, Sep 23, 2026
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धर्म

पुराणों व धर्मग्रंथों में उल्लेखित जानकारी है।

आज कार्तिक कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि है

? कार्तिक माह के व्रत, पर्व

4 नवंबर करवा चतुर्थी
7 नवंबर समर्थ रामदास जयंती, पुष्य नक्षत्र
8 नवंबर अहोई अष्टमी
11 नवंबर रमा एकादशी व्रत (केला)
12 नवंबर गोवत्स द्वादशी, प्रदोष व्रत, धन्वंतरि जयंती, धनतेरस, कामेश्वरी जयंती, त्रयोदशी से अमावस्या तक गोत्रिरात्र व्रत
13 नवंबर रूप चतुर्दशी, अभ्यंग स्नान, नरकासुर वध दिवस,
14 नवंबर प्रदोष समय दीपोत्सव, (दीपावली) महालक्ष्मी पूजन, महावीर निर्वाण दिवस, स्वामी दयानंद सरस्वती पुण्यतिथि,
15 नवंबर गोवर्धन पूजन, अन्नकूट उत्सव, बली पूजा, गो क्रीड़ा दिवस
16 नवंबर भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजन, विश्वकर्मा पूजा
17 नवंबर विश्वामित्र जयंती
19 नवंबर ज्ञान पंचमी (जैन), पांडव पंचमी
20 नवंबर सूर्य षष्ठी, सूर्य जयंती
21 नवंबर सहस्रार्जुन जयंती
22 नवंबर गोपाष्टमी, कामधेनु जयंती
23 नवंबर आंवला नवमी, सतयुग प्रारंभ दिवस, युगादि तिथि, देवी कुष्मांडा जयंती
25 नवंबर देव उठनी एकादशी, तुलसी विवाह, चातुर्मास व्रत पूर्ण, राम – भरत मिलाप दिवस, संत नामदेव जयंती, भीष्म पंचक व्रत प्रारंभ
27 नवंबर प्रदोष व्रत, गरुड़ जयंती, नारायण प्रगटोत्सव, खाटू में श्याम प्रगट दिवस
28 नवंबर वैकुंठ चतुर्दशी (अपर रात्रि में हरिहर मिलन), काशी विश्वनाथ प्रतिष्ठा दिवस
29 नवंबर व्रत पूर्णिमा
30 नवंबर देव दिवाली, कार्तिक स्नान समाप्त, भीष्म पंचक व्रत पूर्ण, दीपदान दिवस, गुरु नानक जयंती, निम्बार्काचार्य जयंती। *विजय अड़ीचवाल*

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?”नानक नन्हें बने रहो,
जैसे नन्हीं दूब ।
“बड़े-बड़े बही जात हैं,
दूब खूब की खूब ।।?
भावार्थः श्री गुरुनानक देव जी
कहते हैं कि “झुक कर चलने
वालों का कोई कुछ नहीं बिगड़
पाता जैसे सैलाब आने पर दूब
(घास) लेट जाती है और सैलाब
ऊपर से निकल जाता है।जिससे
दूब तो और बढ़ जाती है लेकिन
न झुकने वाले बड़े-बड़े पेड़….
सैलाब में बह जाते हैं …पया!!
?तू झुक के चल बंदया,
झुकयां नूं राम मिलदा !!??”नानक नन्हें बने रहो,
जैसे नन्हीं दूब ।
“बड़े-बड़े बही जात हैं,
दूब खूब की खूब ।।?
भावार्थः श्री गुरुनानक देव जी
कहते हैं कि “झुक कर चलने
वालों का कोई कुछ नहीं बिगड़
पाता जैसे सैलाब आने पर दूब
(घास) लेट जाती है और सैलाब
ऊपर से निकल जाता है।जिससे
दूब तो और बढ़ जाती है लेकिन
न झुकने वाले बड़े-बड़े पेड़….
सैलाब में बह जाते हैं …पया!!
?तू झुक के चल बंदया,
झुकयां नूं राम मिलदा !!?

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