चैत्र नवरात्र के नौवें दिन नवरात्रि विसर्जन के साथ ही रामनवमी भी मनाई जाती है। इस बार नवरात्रि विसर्जन का शुभ मुहूर्त सुबह 10.30 से 12.30 बजे तक तथा 3 से 6 बजे शाम तक रहेगा। दिन में 12 बजे भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जावेगा। सीहोर के स्वर्ण पदक प्राप्त ज्योतिषाचार्य डॉ पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव 21 अप्रैल बुधवार को श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाएगा। 9 सालों के बाद इस बार रामनवमी पर पांच ग्रहों का शुभ संयोग बन रहा है। जय सायोग इस पर्व की शुभता में कई गुना वृद्धि करेगा। इससे पहले ऐसी ग्रह स्थिति 2013 में बनी थी।
ज्योतिषाचार्य डॉ पंडित गणेश शर्मा के अनुसार, 21 अप्रैल को नवमी शाम 7:00 बजे तक रहेगी। अश्लेषा नक्षत्र रात 3:15 बजे तक और राम जन्म के समय शूल योग रहेगा। भगवान राम का जन्म राम नवमी तिथि को दोपहर 12:00 बजे के बाद कर्क राशि में हुआ था। इस बार यह संजोग सुबह 11:05 से दोपहर 1:00 बजे के बीच रहेगा। साथ ही लगन में स्वग्रही चंद्रमा सप्तम भाव में स्वग्रही शनि और दशम भाव में सूर्य बुध और शुक्र के साथ रहेंगे। रामनवमी पर यह शुभ संयोग मानव जीवन को सुखमय बनाएगा। रामनवमी पर जन्म लेने वाले बच्चों की कर्क राशि होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश शर्मा के अनुसार भगवान राम की राशि कर्क है। राम नवमी के दिन चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा, इसलिए जो बच्चे रामनवमी के दिन जन्म लेंगे उनकी कर्क राशि होगी। राशि में चंद्रमा स्वग्रही रहने से अधिक मंगलकारी रहेगा।


