नई दिल्ली। पद्म विभूषण, पद्मभूषण और पद्मश्री पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार को कर दी गई। 4 लोगों को पद्म विभूषण, 14 हस्तियों को पद्म भूषण और 94 को पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। पद्म अवॉर्ड पाने वालों में तुलसी गौड़ा का नाम भी शामिल है। कर्नाटक के अंकोला तालुका के होन्नाली गांव में जन्मीं तुलसी गौड़ा को ‘इनसाक्लोपीडिया ऑफ फॉरेस्ट’ भी कहा जाता है।
तुलसी गौड़ा ने अभी तक एक लाख से ज्यादा पेड़ लगाए हैं। इतना ही नहीं वो कर्नाटक के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की नर्सरियों का ध्यान रखती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने कहीं पर भी सामान्य शिक्षा नहीं ली है। बावजूद इसके उनको जंगल में पेड़-पौधों की प्रजातियों के बारे में काफी जानकारी है, इसीलिए उन्हें फॉरेस्ट का इनसाइक्लोपीडिया भी कहा जाता है। गरीब परिवार से संबंध रखने वाली तुलसी गौड़ा प्रकृति के संरक्षण को लेकर काफी सजग हैं और अभी तक लाखों पौधों को पेड़ बना चुकी हैं। जंगल और पेड़-पौधों के प्रति उनकी जागरूकता और योगदान को देखते उन्हें पद्म पुरस्कार से नवाजा गया है।

