

कमीशन के साथ खर्चा एंव अधिक ली जा रही उपज*
बहोरीबंद ओपन केंद्र में समर्थन मूल्य पर चना,मसूर,राई और सरसों खरीदी के लिए बहोरीबंद में बनाए गए केंद्र मेंमहाकाल विपणन सहकारी समिति की मनमानी सिर चढ़कर बोल रही है।यहां पर कमीशन का बोलबाला है।बिनाकमीशन के किसानों की उपज खरीदना तो दूर की बात कर्मचारी किसानों से बात करना तक मुनासिब नहीं समझते है।इसके लिए बाकायदा बिचौलिए रखे गए है।ये बिचौलिए ही तय कर रहे है कि किसकी उपज की खरीदी होगी औरकिसकी नही होगी। प्रतिक्विंटल कमीशन के साथ लगभग एक किलो प्रति बोरी अनाज अधिक तौला जा रहा है।बातकरने पर कर्मचारीयों को ऊपर तक सब जानकारी है।जो सिस्टम से आयेगा उसका अनाज ही खरीदा जाएग। एस डब्लूसी केंद्र बहोरीबंद में जहां एक और सरसों की अधिक तौल एवं कमीशन खोरी का खेल चल रहा है। वहीं किसानों सेजानकारी लेने पर किसानों द्वारा बताया गया की सरसों खरीदी केंद्र में प्रभारी के प्राइवेट कर्मचारियों द्वारा प्रतिबोरी में51 किलो 200 ग्राम सरसों की तोल की जा रही है एवं खर्चे के नाम पर कमीशन भी लिया जाता है । यह कमीशनखोरी का खेल जिले के उच्च अधिकारी कब खत्म करेंगे या फिर हमेशा ही कमीशन खोरी का खेल चलता रहेगा।
🖋️ कटनी से ब्यूरो चीफ पारस गुप्ता की रिपोर्ट


