Friday, Nov 6, 2026
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उज्जैनधर्म

कोरोना गाइडलाइन के अनुसार योजना बना रहा प्रशासन : उज्जैन के प्रसिद्ध नागचंद्रेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं का प्रवेश फिलहाल तय नहीं, साल में एक बार नागपंचमी पर खुलते हैं इस मंदिर के पट

महाकालेश्वर मंदिर के शिखर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक बार नागपंचमी पर खोले जाते हैं। नागपंचमी 13 अगस्त को है। बीते वर्ष कोविड-19 के कारण मंदिर में परंपरागत पूजन हुआ था, आम श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिला था। नागपंचमी पर नागचन्द्रेश्वर में प्रवेश को लेकर फिलहाल कुछ तय नहीं हैं। अधिकारी मानकर चल रहे हैं कि पिछले साल की तरह इस साल भी दर्शन व्यवस्था कोरोना प्रोटोकाल के मुताबिक होगी। एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी के मुताबिक प्रशासन कोविड गाइडलाइन का पालन करेेगा। 

महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है। यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी (श्रावण शुक्ल पंचमी) पर ही दर्शनों के लिए खोला जाता है। नागचंद्रेश्वर मंदिर में 11वीं शताब्दी की एक अद्भुत प्रतिमा है। इसमें फन फैलाए नाग के आसन पर शिव-पार्वती बैठे हैं। कहते हैं यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है। पूरी दुनिया में यह एक मात्र ऐसा मंदिर है, जिसमें विष्णु भगवान की जगह भगवान शिव सर्प शय्या पर विराजमान हैं। शिव के प्रिय श्रावण मास के प्रमुख त्योहारों में से एक नाग पूजन का पर्व नागपंचमी 13 अगस्त को होगा। इस दिन कार्य में सफलता देने वाला मंगलकारी रवि योग के साथ मंगलकारी हस्त व चित्रा नक्षत्र का त्रिवेणी संयोग बनेगा। इस शुभ संयोग में काल सर्प दोष से मुक्ति के साथ सुख-समृद्धि की कामना से नाग देवता का दूध से अभिषेक और पूजन होगा। 

पंचमी की शुरुआत 12 अगस्त गुरुवार को को दोपहर 3.25 से होगी 

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार श्रावण शुक्ल पंचमी की शुरुआत 12 अगस्त गुरुवार को को दोपहर 3.25 से होगी जो अगले दिन 13 अगस्त शुक्रवार को दोपहर 1.42 बजे तक रहेगा। उदया तिथि में पंचमी 13 अगस्त को रहेगी। इसके चलते इस दिन नाग पंचमी का पर्व एक मत से मनाया जा रहा है। इस दिन कार्य में सिद्धि देने वाला रवि योग सुबह 6.58 से अगले दिन 14 अगस्त को सुबह 6.57 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त 12 अगस्त गुरुवार को हस्त नक्षत्र सुबह 10.10 बजे शुरू होकर अगले दिन 13 अगस्त को नाग पंचमी के दिन सुबह 9.07 तक रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र प्रारम्भ हो जाएगा, जो अगले 14 अगस्त को सुबह 7:57 बजे तक रहेगा।

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