Monday, May 25, 2026
Rajneeti News India
Image default
ब्रेकिंग

IMA की PM Modi को चिट्ठी- बाबा रामदेव पर देशद्रोह का केस चलाने की मांग

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन Indian Medical Association (IMA) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) को चिट्ठी लिखकर बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज (sedition case) करने की मांग की है। दरअसल आरोप लगाए गए हैं कि बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की तरफ से कोरोना टीका(Corona Vaccine) को लेकर भ्रामक और गलत बयान दिए गए हैं. उन्होंने ऐलोपैथी और डॉक्टरों को लेकर भी विवादित बयान दिए हैं. ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई(Action) की मांग की जा रही है.
इससे पहले बाबा रामदेव ने व्हाट्सएप पर एक मैसेज को सुनाते हुए एलोपैथी को स्टुपिड और दिवालिया साइंस बताया था. उन्होंने बाद में अपने उस बयान को वापस जरूर लिया, लेकिन विवाद खड़ा हो चुका था. उनके बयान पर IMA ने कड़ी आपत्ति दर्ज करवाई थी और देश के स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन की तरफ से भी रामदेव से उनका बयान वापस लेने की मांग हुई थी. अब बयान तो वापस हुआ लेकिन बाबा रामदेव का विवादों में फंसे रहने का सिलसिला जारी रहा. किसी वीडियो में बाबा को कोरोना वैक्सीन का मजाक बनाते हुए देखा गया तो किसी वीडियो में उनकी तरफ से कोरोना मरीजों को लेकर भी टिप्पणी की गई.

एक वायरल वीडियो में वे कहते सुनाई दिए कि मरीजों को नहीं पता है कि सांस कैसे लेते हैं, इसी वजह से वो ऑक्सीजन की कमी की शिकायत करते हैं, नकारात्मकता फैलाते हैं. उनके उस बयान पर भी बवाल काटा गया है और सरकार से कड़े एक्शन की अपील रही है.
इससे पहले आईएमए उत्तराखंड की तरफ से भी बाबा रामदेव के खिलाफ तल्ख अंदाज दिखाया गया था. बयान में कहा गया था कि अपनी दवा बेचने के लिए रामदेव टीवी में टीकाकरण से साइड इफेक्ट होने के विज्ञापन भी जारी कर रहे हैं, वे पैथी और उससे जुड़े डॉक्टरों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं. अब इसी कड़ी में उनके खिलाफ देशद्रोह का केस करने की भी मांग हो गई है, ऐसे में बाबा रामदेव की मुसीबत अभी बढ़ने जा रही है.

Related posts

भारत में अधीनस्थ न्यायालयों में मामलों के लंबे समय से लंबित रहने के मुद्दे को रेखांकित करते हुए,

News Team

आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में #COVID19 संक्रमण की स्थिति और रोकथाम को लेकर समीक्षा बैठक की।

News Team

पिपलियाहाना चौराहे पर करीब तीन वर्ष पहले रिंग रोड पर ओवरब्रिज का कार्य शुरू हुआ था।

News Team