Sunday, Jun 21, 2026
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धर्म

नवरात्री के 7वें दिन जाने माँ काली की पूजा विधि के बारे में और क्या लाभ मिलेगा माँ काली की पूजा-अर्चना करने से।

माँ दुर्गा के 9 अवतारों में से 7वां अवतार माँ काली है। उन्हें मृत्यु की देवी भी कहा जाता है। माँ काली को भयंकर रूप में चित्रित किया जाता है लेकिन अगर माता की अर्चना सच्चे मन से की जाये तो फल भी शीघ्र-अतिशीघ्र प्राप्त होता है। माँ के मंत्र का जाप करना बहुत फलदायक माना जाता है।

काली पूजा के लाभ :
काली माँ की पूजा करने से घर से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।
काली पूजा से सुख, शांति, शक्ति, विद्या, प्राप्त होती है।
काली पूजा से हर तरह की अशुद्धियाँ भी समाप्त हो जाती हैं।
काली माँ जिस भक्त को अपनी शरण में ले लें तो उसके सारे रोग, द्वेष, विघ्न समाप्त हो जाते हैं।
माँ काली की पूजा करने से तंत्र-मंत्र का असर भी ख़तम हो जाता है।

काली पूजा का मंत्र:
ओम ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै:
नमः ऐं क्रीं क्रीं कालिकायै स्वाहा
ऐं नमः क्रीं क्रीं कालिकायै स्वाहा

पूजा विधि का सही तरीका:
काली माँ की पूजा शुद्धता के साथ और पूरे विधि विधान के साथ की जानी चाहिए। माता की पूजा में लाल और काले रंग एक ख़ास महत्त्व होता है। काली माँ की पूजा तंत्र विद्या के लिए भी की जाती है। अगर आप घर में पूजा कर रहे हैं तो माँ की तस्वीर को टीका लगाएं, लाल फूल अर्पित करें और आरती करें। पूजा में माँगा गया वरदान पूरा हो जाने पर किया गया प्राण अवश्य पूरा करना चाहिए। मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए और इच्छा पूर्ती होने तक यही प्रक्रिया दोहराई जा सकती है।

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