इंदौर. फॉर्मा, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, टैक्सटाइल, प्लॉस्टिक सहित अन्य कई उद्योगों से जुड़ी सामग्री की पैकिंग में इस्तमाल होने वाले कोरोगेटेड बॉक्स (गत्ते के खाकी बॉक्स) का उद्योग इन दिनों परेशानी से जूझ रहा है।
कोरोना वायरस संक्रमण काल में यह बॉक्स बनाने के कच्चे माल (क्रॉफ्ट पेपर) की कीमतें दोगुनी होने से निर्माताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिर्फ क्रॉफ्ट पेपर ही नहीं, बॉक्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाला अन्य रॉ मटेरियल भी पिछले चार महीने में 30 से 60 फीसदी तक मंहगा हो गया है। स्टार्च पावडर 20 प्रतिशत, डुप्लैक्स बोर्ड 80 प्रतिशत, वायर 40 प्रतिशत, प्रिंटिंग इंक 30 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं। इन सबके अलावा ट्रांसपोर्ट भाड़ा भी 40 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। लगातार कच्चा माल महंगा होने से निर्माताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस परेशानी को देखते हुए मप्र कोरोगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कुछ राहत देने की मांग की है।
5 हजार लोगों मिलता है रोजगार
यह उद्योग शहर में ही करीब पांच हजार लोगों को रोजगार देता है। प्रदेश में यह आंकड़ा करीब ५० हजार तक है। कच्चे माल की कीमतों पर नियंत्रण के साथ ही इनके निर्यात पर फिलहाल रोक लगाने की भी मांग की जा रही है। निर्यात बढऩे से भी कच्चे माल की कीमत बढ़ रही है। एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव सुरेका, उपाध्यक्ष केके खोरे, सचिव अमित जैन ने बताया जो क्रॉफ्ट पेपर चार महीने पहले तक १८ रुपए किलो आता था, आज उसकी कीमत ४० रुपए हो गई है। सिर्फ इंदौर में यह कोरोगेटेड बॉक्स बनाने की करीब १५० यूनिट संचालित होती हैं। कच्चा माल महंगा होने से इनके उत्पादन और मुनाफे में भी काफी कमी आ गई है। कच्चे माल की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा चीन से आता है, लेकिन कोरोना के बाद बदली नीति से आयात बंद हैं, दूसरी तरफ भारतीय कंपनियों का कच्चे माल का निर्यात जारी है, जिससे यहां के उद्योगों को परेशानी हो रही है। कई निर्माता रनिंग कास्ट की पूर्ति और कर्मचारियों का वेतन देने की स्थिति में भी नहीं है।
मप्र में हर माह २० हजार मैट्रिक टन की जरूरत
मप्र में हर महीने करीब 20 हजार मैट्रिक टन क्रॉफ्ट पेपर की जरूरत होती है, लेकिन फिलहाल आधा भी नहीं मिल रहा है। अमित जैन का कहना है कच्चे माल की तरह अब कोरोगेटेड बॉक्स की दरों में कम से कम 50 से 60 प्रतिशत की वृद्धि करना आवश्यक हो गया है, अन्यथा कई यूनिट्स बंद हो जाएंगी।


