डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में इस साल करीब 17.6% की कमी देखने को मिली है. महामारी के बीच टैक्स से होने वाली आय में भी सराकर को काफी नुकसान हुआ है. वित्त वर्ष 2020-21 में टैक्स कलेक्शन के रूप में करीब 4.95 लाख करोड़ रुपए मिले हैं. वहीं पिछले साल इसी अवधि में ये कलेक्शन करीब 6.01 लाख करोड़ रुपए था. बता दें इसमें एडवांस टैक्स की रकम भी शामिल है. Moneycontrol.com के मुताबिक, इस साल कॉर्पोरेट टैक्स के रूप में 2.26 लाख करोड़ रुपए मिले हैं.
इसके अलावा अगर पर्सनल इनकम टैक्स की बात करें तो सरकार को इस रूप में करीब 2.57 लाख करोड़ रुपए मिले हैं. मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का यह शुरुआती अनुमान है. आने वाले आंकड़ों के हिसाब से इसमें बदलाव भी देखने को मिल सकता है. बता दें बैंकों की ओर से जब टैक्स कलेक्शन के आंकड़े जारी किए जाएंगे उसके बाद में सही राशि का अनुमान लग सकेगा. वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने मनी कंट्रोल को बताया कि कोरोना वायरस महामारी के फैसे अनिश्चितता के माहौल के कारण टैक्स कलेक्शन में कमी आई है और अर्थव्यस्था में रिकवरी का रास्ता अभी भी क्लीयर नहीं है.

