इंदौर शहर की देवी अहिल्या विश्वविघालय ने कोरोना के नाम पर बेगुनाह छात्रों से वसूली की ठान ली है। दरअसल यह कोरोना और लॉक डाउन और अब देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की खुली दादागिरी जिसका शिकार हजारों छात्र। क्योंकि कोरोना की आहट के पूर्व यूनिवर्सिटी ने परीक्षा के नाम पर छात्रों से 2100 रुपये हड़प लिए, जिसका कोई हिसाब नही,अब कोरोना यूनिवर्सिटी ने E प्रोमोशन के नाम पर 550 रुपये छीन लिए,खैर छात्र तो कोरोना और यूनिवर्सिटी की मेहरबानी की फ़िराक में थे,लेकिन अब इसीलिए वापस और 550 रुपये लेने के बाद छात्रों को तीसरी बार 1650 रुपये वसूलने का फरमान जारी कर चुकी है। वही मास्टर डिग्री के इससे डबल, घोर वसूली है। बहुत लापरवाही है। क्या इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी अपना पूरा हर्जा खर्च छात्रों से ही वसूल करेगी। जो फ़िलहाल अभी खुद बेरोजगार है यह यूनिवर्सिटी की खुली दादागिरी नही तो क्या है जागो जनता जागो बेचारे बेरोजगार से इंदौर देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी की हो रही खुली वसूली,क्या अब विश्वविद्यालय की कुलपति इसके पूर्व वसूली गयी राशि का हिसाब देंगी
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