? व्रत और उपवास में अंतर है।
? व्रत का मतलब है- संयम, देव आराधना और लक्ष्य के प्रति जागरूकता।
? उपवास का मतलब है- दुर्गुणों एवं दोषों से बचकर आत्मा एवं गुणों के साथ वास अर्थात् निवास करना।
? किंतु आजकल व्रत का अर्थ भी सामान्यतः उपवास हो गया है।
? ऋतुओं के संधिकाल में अनेक रोग उत्पन्न होते हैं। उस समय संयम की अधिक आवश्यकता होती है।
? इसीलिए हिन्दू पर्व सदा संधि काल में ही होते हैं।
? बिल्व वृक्ष का पूजन सोमवार को करना चाहिए।
? शीतलासप्तमी पर शीतला माता के साथ नीम के वृक्ष की पूजा करना चाहिए।
? शनिवार को पीपल के वृक्ष की पूजा करना चाहिए।
? वैकुण्ठ चतुर्दशी पर तुलसी की पूजा का विशेष महत्त्व माना गया है। *विजय अड़ीचवाल*
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