
नवरात्रि की अष्टमी तिथि महागौरी को समर्पित होती है। इस साल महाष्टमी 24 अक्टूबर (शनिवार) यानी आज मनाई जा रही है। मान्यता है कि महागौरी की विधि-विधान से पूजा करने वालों पर माता अपनी कृपा बरसाती हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। महाष्टमी के इस खास मौके पर जानिए मां दुर्गा के आठवें स्वरूप और नाम के पीछे की पौराणिक कथा-एक पौराणिक कथा के अनुसार, पर्वत राज हिमालय के घर माता पार्वती का जन्म हुआ था। माता पार्वती को महज 8 वर्ष की अवस्था में ही अपने पूर्वजन्म की घटनाओं का आभाष हो गया था। तभी से उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए तप करना शुरू कर दिया था। तपस्या के दौरान माता केवल कंदमूल फल और पत्तों का सेवन करती थीं। बाद में माता ने वायु पीकर तपस्या करना शुरू कर दिया। तप से देवी पार्वती को महान गौरव प्राप्त हुआ था, यही कारण है कि इनका नाम महागौरी पड़ा।


