
दतिया|राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष महोदय श्री आर.पी.शर्मा के मार्गदर्शन में आज दिनांक 14 मार्च 2022 को ऑनलाइन विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जागरूकता शिविर में श्री अजय कांत पांडे जिला जज दतिया द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि सभी नागरिकों के लिए उचित निष्पक्ष और न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने हेतु जागरूकता फैलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन किया गया है।सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए की गई थी,मुफ्त कानूनी सहायता पाने के पात्र व्यक्ति महिला और बच्चे, अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के सदस्य, औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी आपदाओं जैसे हिंसा बाढ़ सूखा भूकंप तथा औद्योगिक अपराधों के शिकार लोग,विकलांग व्यक्ति,हिरासत में रखे गए लोग, ऐसे व्यक्ति जिनकी आय 200000 से कम हो, बेकार या अवैध मानव व्यापार के शिकार।
जागरूकता शिविर में श्री मुकेश रावत जिला जज एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दतिया द्वारा बताया गया कि महिलाओं को उनके परिवार से होने वाली हिंसा से बचने के लिए घरेलू हिंसा अधिनियम बनाया गया है।घर के बाहर के अन्य व्यक्तियों से सुरक्षा के लिए भारतीय दंड संहिता में घूर कर देखना, पीछा करना, बिना अनुमति के फोटो लेना, अश्लील मैसेज, भेजना गलत नियत से हाथ पकड़ना ,बलात्कार, दहेज मांगना, एकाग्रता भंग करना आदि,अपराध घोषित किए गए हैं।बच्चों के लिये अधिनियम 2012 बनाया गया है,तथा महिला एवं बच्चों के विरुद्ध गंभीर अपराधों में न्यायालय में सुनवाई बंद कमरे में महिला न्यायाधीश द्वारा की जाती है।इस कारण महिलाओं को कानून में सुरक्षा के लिए कठोर कानून बनाए गए हैं,किंतु अधिकारों का उपयोग सावधानी पूर्वक करना चाहिए,कानून का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि न्यायालय में सच साक्ष्य के सामने आ ही जाता है।


