राजधानी के बजरिया थाना क्षेत्र में हाल ही में एक बाल विवाह का मामला सामने आया था। अब इसमें नया मोड़ आ गया है। दरअसल, बुधवार को बजरिया क्षेत्र में एक लड़की के बाल विवाह की सूचना मिलने के बाद टीम वहां पहुंची थी। वहां पहुंचने के बाद टीम को जानकारी मिली कि विवाह तो मंगलवार को ही सीहोर जिले में संपन्न् हो चुका है। जब वधू के उम्र संबंधी दस्तावेज खंगाले गए तो स्कूल में उसकी उम्र 13 वर्ष और आधार कार्ड में 15 वर्ष नजर आई।
इसके बाद महिला बाल विकास विभाग, चाइल्ड लाइन और पुलिस टीम की सलाह पर रात को ही वधू को वापस भोपाल बुलवा लिया गया। वधू के आने के बाद असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई है, क्योंकि टीम को लड़की बालिग लग रही है। इस मामले में महिला बाल विकास विभाग और पुलिस द्वारा आगे कार्रवाई न करने पर अब मामला बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के पास पहुंचा है।
गुरुवार को नव-युगल सीडब्ल्यूसी के समक्ष पहुंचे। यहां समिति के सदस्यों ने जब बात की तो उन्हें महसूस हुआ कि लड़की के बालिग होने की संभावना है। बातचीत में लड़की की मां ने कहा कि जब वह बच्ची को एडमिशन के लिए स्कूल लेकर गई थी तो उसकी उम्र 6 वर्ष थी। अब समिति ने सिटी और रेलवे चाइल्ड लाइन से कहा है कि वह स्कूल के माध्यम से लड़की की उम्र का सत्यापन करने का प्रयास करें। साथ ही समिति ने वर और वधू पक्ष को समझाया है कि स्थिति साफ न होने तक लड़की भोपाल में ही रहे।


