
कांग्रेस के विधायक उमंग सिंगार ने कहा मुझे भी मंत्री पद और 50 करोड़ का ऑफर दिया
कांग्रेस विधायक और कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे उमंग सिंघार ने पत्रकारों के सामने आरोप लगाया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुझे भाजपा में शामिल होने के लिए 50 करोड़ रुपए और मंत्री पद का ऑफर दिया था। लेकिन, उन्होंने यह ऑफर ठुकरा दिया था। क्योंकि, वे जमुनादेवी के परिवार से हैं और अवसरवादी राजनीति नहीं करते!
उमंग सिंघार ने कहा कि मुझे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुलाया और कहा था कि मेरी भाजपा में बात हो गई है, तुम्हें 50 करोड़ और मंत्री पद मिलेगा! लेकिन, मैंने सिंधिया से कह दिया था कि मेरा परिवार सच्चाई की राजनीति करता है। मैं जमुनादेवीजी का भतीजा हूं। उन्होंने कभी सच्चाई से अलग होकर राजनीति नहीं की। मेरे अंदर वही संस्कार है और इसी के लिए मैं काम करूंगा। मैं कांग्रेस के लिए काम करूंगा, मैं अवसरवादी और विश्वासघात वाली राजनीति मैं नहीं करता।
सिंघार ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने जानना चाहा था कि यह ऑफर मुझे किसने दिया था। यही कारण है कि मैं आज इस बात का खुलासा करने जा रहा हूं कि मुझे यह ऑफर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया था। सिंधिया ने यह भी कहा था कि कांग्रेस में कैरियर नहीं रह गया है। पत्रकारों से बात करते हुए सिंगार ने कहा कि भाजपा कांग्रेस की लहर से भाजपा बौखला गई है। इसलिए विधायकों की खरीद का दौर शुरू कर दिया है। लेकिन, मैं सिद्धांत की राजनीति करता हूं और अपने मातृ संगठन से कभी धोखा नहीं कर सकता! मेरी रगों में वही खून है, जो स्वर्गीय जमुनादेवीजी की रगों में बहता था। उन्होंने मरते दम तक कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया था। कांग्रेस विधायक ने कहा कि मैंने सिंधिया से कहा कि आप अवसर देखते हैं, पर मैं नहीं। आज से मेरे और आपके रास्ते अलग-अलग हैं। मैं अपनी विचारधारा से कभी समझौता नहीं करता हूं। आपके लिए अवसरवाद राजनीति से हो सकती है, मेरे लिए नहीं। सिंगार ने आरोप लगाया कि सिंधिया ने जन हितैषी भावना के लिए कांग्रेस नहीं छोड़ी बल्कि पद प्रतिष्ठा और खुद के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कांग्रेसी छोड़ी है। उल्लेखनीय है कि उमंग सिंगार ने एक दिन पहले भी ये आरोप लगाया था, पर भाजपा अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए उमंग सिंगार से पूछा था कि ये ऑफर किसने और कब दिया! आज कांग्रेस विधायक ने पत्रकारों के सामने इसका जवाब दिया है।


