Saturday, Nov 7, 2026
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प्रेस नोट
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग प्रमुख, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो को एडिट कर फर्जी इंस्टाग्राम पेज पर अपलोड करने वाले दो आरोपी राज्य सायबर सेल, इन्दौर की गिरफ्त में।

  1. आरोपियों द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग से ही वर्ष 2018 में स्नातक किया है।
  2. DAVVMEMES, DOLLL CONFESSION के नाम से बनाये थे, इंस्टाग्राम पर फर्जी पेज।
  3. आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग प्रमुख के द्वारा की गई थी, उपरोक्त फर्जी पेज की शिकायत।
  4. आरोपियों को लेने थे, अपने काम के 22000/-रूपये।
    राज्य सायबर क्राइम पुलिस मुख्यालय भोपाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा अपराधों में तकनीक के दुरूपयोग के तत्काल निकाल करने के संबंध में हाल ही दिये गये निर्देशों के पालन में की गई कार्यवाही में राज्य सायबर सेल इन्दौर पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र सिंह के द्वारा बताया गया कि फरियादी देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षण विभाग के विभाग प्रमुख डाॅ0 भारती जोशी द्वारा आजीवन शिक्षण विभाग के स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो को एडिट कर फर्जी इंस्टाग्राम पेज DAVVMEMES, DOLLL CONFESSION पर अपलोड करने के संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत की जाॅच पर से अपराध क्रमांक 140/2020 धारा 43, 66, 66सी आइटी एक्ट का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया। जिसकी विवेचना हेतु एक टीम निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, उनि0 जितेन्द्र चैहान एवं म0आर0 विनिता त्रिपाठी की गठित की गई।
    दौराने विवेचना में तकनीकी जानकारी प्राप्त करने पर संदिग्ध मोबाइल नम्बर प्राप्त हुए जिनके नाम गौरव यादव पिता राजा यादव निवासी- 65 सी संगम नगर, इन्दौर एवं अभिषेक पिता धनराज निवासी-62 मयूर नगर, मुसाखेडी, इन्दौर की तस्दीक करने एवं पूछताछ करने पर आरोपी गणों द्वारा बताया गया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में वर्ष 2019 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ब्राउजर और पेम्प्लेट्स बनाये थे, जिसके 22000/- रूपये का भुगतान देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के विभाग प्रमुख द्वारा नही किया गया था। जिस कारण से आरोपी गणों द्वारा इंस्टाग्राम पर उपरोक्त नामों से फर्जी पेज बनाकर विभाग प्रमुख, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो को एडिट कर अपलोड किये थे। आरोपियों द्वारा अन्य सोशल अकाउण्टों से विभाग प्रमुख, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के फोटो लेकर एडिट किये थे। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल व दो सीम विधिवत जप्त की गई।
    उक्त प्रकरण की विवेचना में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, उनि जितेन्द्र चैहान, म0आर0 विनिता त्रिपाठी, विक्रान्त तिवारी, विशाल महाजन, आर0 रमेश भिडे, आशीष शुक्ला की सराहनीय भूमिका रही।

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