
-श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण और सुदामा जी के मिलन का मंचन किया गया ग्राम रामपुर कला के माता बाग वाली मंदिर के प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। मंगलवार को कथा के अंन्तिम दिन के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और भक्त सुदामा का मिलन हुआ
। इस मौके पर कथा व्यास श्री शत्रुघ्न बालोठिया (मामचोन वाले) जी ने श्रीमद भागवत पुराण के अंतिम स्कन्द में प्रवेश करने के साथ जैसे ही कृष्ण और मित्र सुदामा काद्वारका नगरी में मिलन हुआ तो हर तरफ हर्ष का माहौल उत्पन्न हो गया। कथा स्थल पर जैसे ही कृष्ण और सुदामा की झांकी प्रस्तुत की गई तो उपस्थित भक्त भगवान और भक्तों के मिलन की भव्य झांकी देखकर अपनी सुध बुध खो बैठे। वहीं इस मौके पर कथा व्यास द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु झूमने लगे। इस मौके पर कथा व्यास श्री शत्रुघ्न बालोठिया जी ने कहा कि मनुष्य भक्ति रूपी आंख से ही परमात्मा को प्राप्त कर सकता है। सभी प्राणियों पर परमात्मा का समभाव रहता है। प्राणियों में निष्ठा और विश्वास है तो वह अपने सदकर्म के बल पर उन्हें प्रत्येक जगहों पर प्राप्त कर सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सुदामा की निष्ठा और भक्ति का ही परिणाम था भक्त की रक्षा के लिए भगवानरूपों में जाकर सुदामा जी को द्वारका तक लाने के लिए अवतार लिए । इसलिए हम भगवत कृपा को तभी प्राप्त कर सकते हैं जब पूर्ण रूपेण उनकी शरण में चले जायें। रामपुर कला में 8 दिसंबर से श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन का आज अंतिम दिन था आज भक्त और श्रद्धालुओं की भीड़ व्यास जी महाराज के मुखारविंद से भागवत कथा का श्रवण करने पहुंचे

