
घूमूर पंचायत के आदिवासी बैगाओ को नहीं मिल पा, रहे पीने कि पानी
बिरसा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत, घुमुर में 1 वर्षों से हैंड पंप बंद पड़ा हुआ है ग्राम के प्रधान व सचिव द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है आदिवासी बैगा जनजाति के लोग को भोले भाले समझ कर शासन की योजना कि लाभ नहीं मिल पा रहे हैं शासन द्वारा बैगा जनजाति के लिए लाखों करोड़ों रुपए शासन द्वारा पानी की तरह बहाया जा रहा है लेकिन कागजों तक सीमित रहते हैं बैगा लोक सोन नदी जाकर अपने जीवन यापन करने के लिए नदी नाला झील से पानी लाकर जीवन यापन कर रहे हैं जिसे लोगों को सर्दी खासी एवं विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकते हैं ग्रामीणों द्वारा कई बार सचिव व ग्राम के प्रधान अवगत कराने पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि हैंड पंप बंद है उसी जगह नाडप टंकी निर्माण किया जा रहा है जो उपयोग में नहीं लाया जा सकता जब हैंडपंप से पानी ही नहीं है तो टंकी बनाने की क्या आवश्यक है लेकिन सरपंच सचिव द्वारा अपनी मनमर्जी से बनाया जा रहा

