
स्वच्छता अभियान का हवाला देते हुए शिक्षक बच्चों से साफ सफाई करवाने में व्यस्त रहते हैं वही अध्ययन की बात करें तो सिर्फ रस्म अदायगी के लिए ही शिक्षक विद्यालय पहुंचते हैं ।
हम बात कर रहे हैं कटनी जिले के रीठी जनशिक्षा केंद्र क्षेत्र में आने वाले माध्यमिक शाला केना की , जहां एक शाला एक परिसर होने के बाद भी सफाई कर्मचारी नहीं है । और मासूम बच्चों से ही शिक्षक खड़े होकर के साला परिसर की सफाई करवाते नजर आ रहे हैं । जबकि शाला विकास निधि से स्कूल संचालक सफाई कर्मचारी रख सकते हैं । परंतु उस निधि का भी कुछ पता ही नहीं चलता ।
अब सवाल यह उठता है कि जब शासन ने नाबालिक बच्चों से किसी भी प्रकार का काम लेने पर सख्त कानून बनाए हैं तो फिर स्कूलों में मासूम बच्चों से क्यों सब सफाई करवाई जाती है जबकि विद्यालयों में सफाई कर्मचारी का होना अनिवार्य है,,,

