Monday, Sep 21, 2026
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भारत बायोटेक ने WHO से मांगी आपात इस्तेमाल की मंजूरी, टीकाकरण के बाद विदेश जा सकेंगे भारतीय

भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने WHO से कोवैक्‍सीन (Covaxin) के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है. इस मंजूरी के मिलने के बाद कोवैक्सीन लगवा चुके भारतीय विदेशों की यात्रा कर सकेंगे.

भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने WHO से कोवैक्‍सीन (Covaxin) के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है. मंजरी मिलने पर कोवैक्‍सीन लगवाने वाले विदेश जा सकेंगे.

भारत बायोटेक ने मांगी मंजूरी

जानकारी के मुताबिक हैदराबाद की भारत बायोटेक (Bharat Biotech) कंपनी ने अपनी कोवैक्‍सीन (Covaxin) के आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में आवेदन जमा कर दिया है. यह आवेदन इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) यानी तुरंत सुनवाई होने वाले मुद्दों की श्रेणी में दिया गया है. कोवैक्सीन को मंजूरी मिल जाने के बाद यह भारत की दूसरी वैक्सीन हो जाएगी. जिसे WHO से मान्यता मिली होगी. 

तीन चरणों से गुजरेगा आवेदन

जानकारी के मुताबिक EUL श्रेणी में आवेदन जमा होने के लिए 3 चरणों से गुजरना पड़ता है. इनमें पहला प्री-सबमिशन मीटिंग होता है. वहीं दूसरा चरण रिव्यू के लिए डोजियर स्वीकार करने का होता है. तीसरा और अंतिम चरण आवेजन का विस्तृत असेसमेंट करना होता है. माना जा रहा है कि भारत बायोटेक की अर्जी पर मई के आखिरह हफ्ते या जून में  WHO की बैठक हो सकती है. 

पिछले हफ्ते सहयोगी चैनल WION के साथ बात करते हुए भारत बायोटेक के संयुक्त प्रबंध निदेशक सुचित्रा एला (Suchitra Ella) ने कहा था, ‘COVAXIN डबल म्यूटेंट सहित इन सभी वेरिएंट को बेअसर करने वाला साबित हुआ है. यह सेल कल्चर या वेरो सेल प्लेटफॉर्म में उत्पादित निष्क्रिय वायरस से बना टीका है.’

कंपनी करेगी 1 बिलियन टीकों का उत्पादन

उन्होंने बताया कि कंपनी की 3 अलग-अलग राज्यों में 3 प्रॉडक्शन यूनिट हैं. इन यूनिट के जरिए 1 बिलियन टीकों का उत्पादन करने की योजना बनाई गई है. इनमें हैदराबाद यूनिट में 200-250 मिलियन, बेंगलुरु यूनिट में 500 मिलियन और गुजरात के अंकलेश्वर में करीब 200 मिलियन डोज बनाई जाएंगी. 

सुचित्रा एला (Suchitra Ella) के मुताबिक WHO से कोवैक्सीन (Covaxin) के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल जाने का काफी फायदा होगा. इस मंजूरी के बाद कोवैक्सीन लगवा चुके भारतीय दुनिया में कहीं भी मूवमेंट के लिए पात्र हो सकेंगे. वहीं दूसरे देशों की ओर से इस टीके की मान्यता की जहां तक बात है तो उस पर बातचीत चल रही है. WHO से मंजूर होने के बाद इन देशों की झिझक भी खत्म हो जाएगी और वे भी इसे स्वीकृति दे देंगे. 

इन टीकों को मिल चुकी है मंजूरी

बताते चलें कि WHO इससे पहले भारत के  Serum Institute में बनी कोविशील्ड वैक्सीन को 15 फरवरी को आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे चुका है. आज की तारीख में WHO ने 7 वैक्सीन को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए मान्यता दे रखी है. जिनमें  Pfizer’s Comirnaty, Astrazeneca’s AZD1222, Janssen’s Ad26.COV2.S, Moderna’s mRNA-1273 और Sinopharm’s SARS-CoV-2 Vaccine शामिल हैं. वहीं रूस ने स्पुतनिक वी, चीन ने Sinovac और क्यूबा ने एक वैक्सीन के लिए WHO में आवेदन कर रखा है. 

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