उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद मलबा जमा होने के कारण ऋषिगंगा नदी की अपस्ट्रीम ( ऊपरी धारा) में बहाव रुक गया है। बहाव थमने के चलते नदी के पानी ने झील की शक्ल ले ली है। लगातार पानी के बढ़ते दबाव के कारण अगर झील टूटी तो पहाड़ों से पानी काफी रफ्तार से नीचे आएगा, जो निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो राहत कार्य भी प्रभावित होगा। त्रासदी के बाद आई सैटेलाइट इमेज और ग्राउंड जीरो से आ रही एक्सपर्ट की रिपोर्ट्स में ऐसी आशंका जताई गई है।


