उत्तराखंड में आपदाओं के बाद हमेशा ही नदियों पर बने बड़े बांधों और पॉवर प्रोजेक्ट्स पर उंगली उठती रही है। सुप्रीम कोर्ट तक इस पर चिंता जता चुका है। यहां तक कि केंद्र सरकार का अपना जल संसाधन मंत्रालय 2016 में सुप्रीम कोर्ट के सामने मान चुका है कि उत्तराखंड में गंगा पर कोई भी नया पॉवर प्रोजेक्ट पर्यावरण के लिए खतरा है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2013 की केदारनाथ त्रासदी के बाद राज्य के 39 में से 24 पॉवर प्रोजेक्ट्स पर रोक लगा दी थी, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के बावजूद उत्तराखंड में बांधों और पॉवर प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।


