विधानसभा की उच्च स्तरीय कमेटी ने पुराने परिसर वाले रेस्ट-हाउस को तोड़कर 102 फ्लैट वाले 123 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। राज्य शासन से बजट जारी होते ही नए साल में काम शुरू हो जाएगा।
एमएलए रेस्ट हाउस के लिए वर्ष 2014 में योजना बनी थी। विधानसभा रेस्ट हाउस को पहले अरेरा पहाड़ी पर बनाने की मंजूरी हुई थी। अरेरा पहाड़ी पर एमएलए रेस्ट हाउस बनाने की मनमानी के चलते 4 हजार पेड़ काटने की तैयारी हो चुकी थी, जो अब बच जाएंगे। प्रोजेक्ट में 2200 नए पेड़ों को लगाने के साथ ही राज्य शासन की 22 एकड़ जमीन और 12 करोड़ रुपए बचेंगे।
पुराने रेस्ट हाउस में करोड़ों का मेंटेनेंस
पुराने एमएलए रेस्ट हाउस के मेंटनेंस पर सालाना 8 से 9 करोड़ खर्च होते हैं। रेस्ट हाउस में मुश्किल से दो कमरे हैं। विधायक होटलों में रूकने को मजबूर हैं। रेस्ट हाउस बनने से 40 से ज्यादा सरकारी आवास खाली हो जाएंगे।
नए रेस्ट हाउस में क्या होगा
नए एमएलए रेस्ट हाउस में 5 साल में एक बार रंगरोगन होगा। सोलर प्लांट लगने से सौर उर्जा से ही रोशनी रहेगी। रेस्ट हाउस का मेंटनेंस 5 साल तक निर्माण करने वाली कंपनी करेगी। 40 करोड़ रुपए बचेंगे। विधायकों को रेस्ट हाउस में मनमाने काम कराने की मंजूरी नहीं होगी।

