इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सैकड़ों छात्रों के साथ यूनिवर्सिटी अवैध वसूली पर आमादा है। वही हमेशा इन्ही छात्रों के नाम पर अपनी दुकानदारी चलाने वाले छात्र नेता इस वक्त नदारद है। फिर वह एबीवीपी के हो या फिर एनएसयूआई के। फिलहाल यह सभी नकली छात्र नेता अपने बिलो में समाए हुए है। उन्हें यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों से तिहरी वसूली होने की जानकारी होने के बावजूद भी यह छात्र नेता गायब है। कोई भी छात्रों से परीक्षा के नाम पर दुकान चलाने वाले नेता छात्रों की आवाज़ बनने को तैयार नही या कहे तो उन्हें छात्रों की असल परेशानी से कोई लेनादेना नही है। यहां इन हालातों के देख यह तो प्रमाणित हो गया है कि देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में छात्रों के नाम पर आंदोलन, धरना,प्रदर्शन करने वाले यह छात्र नेता सिर्फ और सिर्फ अवसरवादी है। क्योंकि जब छात्रों को ऐसे दुकान चलाने वाले छात्र नेताओं की दरकार है जब ऐसे छात्र नेता अपने घरों में दुबके हुए है। उन्हें यूनिवर्सिटी द्वारा की जा रही अवैध वसूली जैसे ज्वलंत मुद्दे और छात्रों से कोई लेनादेना नही। मतलब सिर्फ अपनी खुद की दुकान चलाने से है और कुछ ख़ास नही
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