बैठे-ठाले—
बिहार विधानसभा का सत्र शुरू हो चुका है. नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण हो रहा है. कुछ सदस्यों ने अंग्रेजी में शपथ ली तो कुछ ने संस्कृत में. किस भाषा में शपथ लेना बेहतर माना जाएगा? मुझे तो लगता है कि अपनी क्षेत्र की जनता से विधानसभा में उनका प्रतिनिधित्व करने का आपने जिस भाषा में समर्थन मांगा था, शपथ तो उसी भाषा में लेना चाहिए. न कि ऐसी भाषा में जिसको आपको चुनने वाली जनता समझती ही नहीं है.
अख्तरुल इमान द्वारा शपथ में हिंदुस्तान की जगह भारत का प्रयोग करने पर कई लोगों ने एतराज जताया. इस मामले में हमारा संविधान क्या कहता है! अगर संविधान की प्रस्तावना आप पढ़ते हैं तो पहला वाक्य यह है कि ‘हम भारत के लोग’. वहां यह नहीं लिखा गया है कि हम हिंदुस्तान के लोग. ‘भारत’शब्द की उत्पत्ति तो भारतीय भूमि से ही हुई है. जबकि हिंदू और हिंदुस्तान शब्द की उत्पत्ति का मूल फारसी है. इसलिए मुझे लगता है कि अख्तरुल जब हिंदुस्तान की जगह भारत का इस्तेमाल कर रहे थे तो तकनीकी रूप से वह बिल्कुल सही माने जाएंगे.
शिवानन्द
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