Wednesday, Jun 10, 2026
Rajneeti News India
मध्यप्रदेश

रोड बन्द के खिलाफ अम्बेडकर अनुयाई करेंगे आंदोलन

संविधान निर्माता डॉ बाबा साहेब अम्बेडकर जन्म नगर मे सैन्य प्रशासन द्वारा रास्ता बन्द आम नागरिकों के अधिकारों का हनन कर संविधान निर्माता का अपमान किया जा रहा है शहर के जागरूक पत्रकारों के समर्थन मे अम्बेडकर अनुयाई करेंगे आंदोलन जहां देश का गौरव बढ़ाने वाली हमारी सेना के जवानो को देश का हर नागरिक आदर भाव से सर्वच सम्मान देता है महू छावनी मे निवास करने वाले नागरिक अपने आपको ख़ुश नसीब समझते है और गर्व से कहते है की हम सैन्य छावनी मे निवास करते है यहां के आम लोग बच्चों को भी सेना का वैभव दिखाकर देश की सेवा के लिये प्रेरित किया जाता है लेकिन महू के लोगो को तब अपमानित होना पड़ता है ज़ब यह लोग परिवार के साथ सैन्य छेत्र से लगे आम रास्तो से गुजरते है तो आम लोगो का सारा भर्म टूट जाता है बड़ी पीड़ा के साथ उन्हें अपने सिविलियन होने का एहसास होता है क्या वे वर्षो पुराने अपने आम रास्तो से भी गुजरने के हकदार नहीं है ज़ब चाहे रास्ते बन्द करना संविधान द्वारा दिए गय वोट के अधिकार छीन लेना ये कहा का इंसाफ है आम जनता को बिना कोई सुचना के रास्ते बन्द कर खतरनाक कंटीले तार बिछा दिए जाते है कोरोना महामारी के चलते आम नागरिकों पर आर्थिक भार पड़ा है और सैन्य प्रशासन ने आम नागरिकों पर रास्ते बन्द कर और आर्थिक बोझ डाल दिया है अगर आपको धारनाका महूगांव तेलीखेड़ा से शहर मे जाना है तो एक रास्ता अम्बेडकर स्मारक राम मंदिर (आम रास्ता बन्द है मोटर साईकिल के लिये )अब शहर मे जाना है तो आपको कब्रस्तान नाके से शहर मे आना पड़ता है दूसरा रास्ता पहले स्टेशन हेडकुवाटर तार ऑफिस से शॉर्ट कट शहर पहुंच जाते थे अब पुराने पेट्रोल पम्प से शहर जाना पड़ता है जो काफ़ी लम्बा पड़ता है समय के साथ आर्थिक बोझ भी डालता है शहर से डॉ अम्बेडकर जन्मभूमि स्मारक पर हजारों श्रद्धालु जाते है लेकिन अम्बेडकर स्मारक और धारनाका जाने वाले मार्ग केंद्रीय विद्यालय स्वर्ग मंदिर यह रास्ते गेट लगाकर स्थाई रूप से बन्द कर दिए है बचा 72 माल रोड जहां बगैर हेलमेट जाने नहीं दिया जाता ज़बकी इन रास्तो पर पवित्र मंदिरो के साथ पार्थ इंडिया का कार्यलय भी है वही शहर के सबसे पुराने रास्ते जो तार ऑफिस से पेंशन पूरा गोशाला तेलीखेड़ा धारनाका महूगांव जाने का था वो भी बन्द कर दिया यह बड़ी शर्म की बात है संविधान निर्माता की जन्मभूमि मे आजाद भारत के नागरिकों को सैन्य प्रशासन की कार्य प्रणाली आम नागरिकों गुलामी का एहसास करती है यह आम नागरिकों का अपमान नहीं यह संविधान निर्माता का अपमान है उक्त तानाशाही के विरोध मे अम्बेडकर अनुयाई जल्द आंदोलन शुरू करेंगे

Related posts

सागर जिले की खुले बोरवेल करें शीघ्र बंद -कलेक्टर श्री सिंह  

News Team

News Team

Valentine’s day पर प्रपोज, फिर नशीली चीज पिलाकर रेप, लड़की ने बताई कांग्रेस MLA के बेटे की ये कहानी

News Team