देश में तेजी बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) पर काबू पाने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं. वैक्सीनेशन इस कड़ी में अब तक का बड़ा कदम है. बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन ड्राइव (Vaccination Drive) चल रही है. 1 मई से टीकाकरण अभियान (Vaccination) को और गति दी जा रही है. 18 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को भी कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) लगाई जाएगी. लेकिन इससे पहले एक एक अहम रिसर्च की गई है. इस रिसर्च के तहत कोरोना वैक्सीन की ‘बूस्टर डोज’ पर काम चल रहा है.
‘बूस्टर डोज’ का उद्देश्य?
TOI की रिपोर्ट्स के मुताबिक सोमवार को चेन्नई में 7 लोगों को कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन (Covaxin) की तीसरी डोज दी गई है. इसे ‘बूस्टर डोज’ कहा जा रहा है. तीसरी डोज के जरिए यह परखने की कोशिश की जा रही है कि व्यक्ति के शरीर में लंबे समय के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कैसे हो सकती है?
ट्रायल में 190 लोग शामिल
चेन्नई के एसआरएम मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में जिन 7 लोगों को कोवैक्सिन की तीसरी डोज दी गई है उन्हें 6 महीने पहले ही वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा चुकी है. इस रिसर्च के जरिए कुल 190 लोगों को वैक्सीन की तीसरी डोज दी जानी है. इस रिसर्च के प्रमुख रिसर्चर डॉ. सत्यजीत मोहापात्रा के अनुसार तीसरी डोज जिन लोगों दी गई है उनमें 18 से 55 साल के बीच के लोग शामिल हैं. अगले 6 महीने तक इनकी निगरानी रखी जाएगी. एक महीने, तीन महीने और 6 महीने के बाद इनके ब्लड टेस्ट कराए जाएंगे. इसके बाद इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता परखी जाएगी.


