Thursday, Sep 24, 2026
Rajneeti News India
इंदौर

सरकार क्यों नहीं करती व्यापार


कल टीवी पर एक विश्लेषण देखा जिसमें गेहूं किसान बेचता है 16 – 17 रुपए किलो और उसी गेहूं का आटा पिसने पर बाजार में बिकता है करीब ₹40 किलो। दलाल और बिचोलिया ले रहे भर पल्ले मार्जिन। अमूमन दाल चावल तेल सब में भरपल्ले मार्जिन लिया जा रहा है। याने खाद्धानों पर उपभोक्ता लूटा जा रहा है और पैदा करने वाले  इस कमाई से वंचित है। यह मेरी व्यक्तिगत सोच है यदि सरकार या सरकारी समितियां इस व्यापार को अपने हाथ में ले ले तो आधे दामों पर मध्यम वर्गीय को यह खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी और पैदा करने वालों को उनका भरपूर मुनाफा मिल जाएगा। आज के हालात कैसे हो गए हैं मनी मैक्स मनी और जनता संपूर्ण खरीदारी विज्ञापनों के आधार पर करने लगी गुणवत्ता के मापदंड देने वाले पीछे हट रहे हैं। उनकी ओर कोई ध्यान नहीं जा रहा है क्योंकि वह कुछ प्रसारित नहीं कर पा रहे हैं। यह भी हो सकता है कि नवयुवक इस कारोबार में आए और लोकल से वोकल वाली बात को साबित करते हुए यह व्यापार अपने हाथ में ले और उचित दाम पर बेचकर जनता को सुखी करें।
अशोक मेहता, वास्तु एवं पर्यावरणविद् , इंदौर

Related posts

आखिर गांवों की सुध लेने निकली सरकार, अब बनाए जाएंगे कोरोना केयर सेंटर

News Team

कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर सांवेर रोड स्थित आलू चिप्स फैक्ट्री पर खाद्य एवं औषधि विभाग का छापा

News Team

Indore lockdown: इंदौर सहित पूरे प्रदेश में दो दिन का लॉकडाउन

News Team