
जिला कटनी की तहसील बहोरीबंद के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुआं में पेयजल के लिए संघर्ष करते नजर आ रहे ग्राम वासी ,क्योंकि यहां पर नल जल योजना संचालित तो है, लेकिन यह नल जल योजना सिर्फ नाम के लिए ही है, यहां पर हेडपंप भी स्थापित हैं लेकिन हेड पंप से पानी नहीं निकल रहा है, क्योंकि किसी हेड पंप में पाइप लाइन नहीं है, तो किसी मैं चैन खराब पड़ी हुई है, या फिर अन्य खराबी के कारण हेडपंप चालू ही नहीं है, यहां पर नल जल योजना के तहत जो ग्राम में पाइपलाइन डाली गई है वह अभी चालू ही नहीं है ,एवं जो दो बोरिंग नल जल योजना के तहत कराए गए हैं, उनमें आज दिनांक तक समर्सिबल ही नहीं डाले गए है, तो नल जल योजना चालू हो भी कैसे सकती है,
➡️ नल जल योजना के तहत जो पूर्व में पानी की टंकी का निर्माण किया गया था, वह इतने घटिया मटेरियल के द्वारा किया गया था कि उसमें दरार पड़ चुकी है ,इसलिए उस टंकी में पानी रुकता ही नहीं,
➡️ पेयजल आपूर्ति के लिए ग्राम में बिजली की एक बहुत ही बड़ी समस्या है बिजली की समस्या के चलते ग्राम की नल जल योजना संचालित नहीं हो पाती है जिससे कि ग्रामीणों को पेयजल के लिए बहुत ही बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है,
➡️ वही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एस एल कोरी जी का कहना है की ग्राम पंचायत कुआं में पेयजल आपूर्ति का बेहतर इंतजाम है, उनका कहना है कि नल जल योजना संचालित है , लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए ही नल जल योजना संचालित है, वही कोरी जी का कहना है की ग्राम पंचायत कुआं में 23 हैंडपंप स्थापित है एवं सभी चालू हालत में है, यह तो कोरी जी ने कह दिया लेकिन ग्राम पंचायत कुआं में कभी आकर हेड पंपों का निरीक्षण किया है या देखा है की ग्राम पंचायत कुआं में कितने हेड पंप चालू हालत में है एवं कितने हेडपंप बंद पड़े हैं आज की स्थिति के अनुसार ग्राम पंचायत कुआं में 10 हेड पंप चालू हालत में एवं 13 हैंडपंप खराब पड़े हुए यह की जब श्री मान एस एल कोरी जी को हेड पंपों के विषय में ज्ञात ही नहीं है तो ऐसी प्रेस विज्ञप्ति जारी करते ही क्यों हैं
➡️ ग्राम पंचायत कुआं के प्रधान सावित्री बारे लाल बर्मन का कहना है पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री एसएल कोरी जी को फोन लगाने पर फोन ही नहीं उठाते यदि उठा भी लेते हैं तो बोलते हैं कि मैं अभी दूसरे काम में बिजी हूं 5 मिनट के बाद बात करता हूं लेकिन 5 मिनट के 5 दिन बीत जाते हैं फोन लगाते ही नहीं ना ही बात करते हैं/
🖋️ कटनी से ब्यूरो चीफ पारस गुप्ता की रिपोर्ट




