दिल्ली हाईकोर्ट ने निजामुद्दीन मरकज में रमजान के दौरान एक साथ 50 लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि मरकज के फर्स्ट फ्लोर पर दिन में 5 बार नमाज पढ़ी जा सकेगी, लेकिन कोरोना गाइडलाइंस का पालन करना होगा।
कोर्ट ने फर्स्ट फ्लोर को छोड़ किसी और फ्लोर पर नमाज अदा करने की परमिशन देने से इनकार कर दिया। लेकिन कहा कि वक्फ बोर्ड इसके लिए निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन के SHO के पास एप्लिकेशन दे सकता है।
कोर्ट ने कहा कि डिजास्टर मैनेजमेंट नियमों के मुताबिक धार्मिक आयोजनों में भीड़ इकट्ठी करने पर रोक लगाई गई थी, लेकिन पूजा के स्थानों को बंद करने का कोई निर्देश नहीं था। स्थिति दिन पर दिन खराब हो रही है, लेकिन सभी धार्मिक स्थल खुले हैं और निजामुद्दीन मरकज भी पूजा की जगह है, तो इसे भी खोला जाना चाहिए।
बता दें कि इस मामले में दिल्ली वक्फ बोर्ड ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। उसका कहना था कि कुंभ मेला और दूसरे आयोजन चल रहे हैं तो रमजान के दौरान मरकज को भी खोलने की इजाजत दी जाए। वक्फ बोर्ड की अर्जी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र ने मंगलवार को अपने जवाब में कहा था कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए निजामुद्दीन मरकज को खोलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
पिछले साल से बंद है निजामुद्दीन मरकज
निजामुद्दीन मरकज में पिछले साल मार्च में तब्लीगी जमात का आयोजन हुआ था। इस आयोजन में देश-विदेश से जुटे करीब 2000 लोगों में कई लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद मरकज से देशभर में कोरोना फैलने का मुद्दा उठा था और 31 मार्च को मरकज बंद कर दिया गया था। लेकिन अब कुंभ में लाखों लोगों की भीड़ जुटने पर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठ रहे थे कि महामारी के बीच दो आयोजनों के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं?
दिल्ली में कल रात से वीकेंड कर्फ्यू
कोरोना के बढ़ते मामलों ने आखिरकार दिल्ली सरकार को भी सख्त फैसला लेने पर मजबूर कर दिया। सीएम केजरीवाल ने दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गुरुवार को नई पाबंदियों के बारे में बताया। वीकेंड कर्फ्यू शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक रहेगा।
कर्फ्यू का फैसला इसलिए जरूरी हो गया था, क्योंकि 5 हफ्ते में दिल्ली में कोरोना के मामले 25 गुना बढ़ गए हैं। 11 मार्च से 17 मार्च तक यहां 2995 केस आए थे, जो 8 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच 76 हजार 870 तक पहुंच गए हैं।


